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जन्म कुंडली से वास्तु दोष का निवारण

जन्म कुंडली से वास्तु दोष का निवारण …….बिना तोड़ फोड़ के वास्तु दोष का जन्म कुंडली के माधयम से निवारण ||मानव एक सामाजिक प्राणी है समाज में रहने के लिए उपयोगी सभी वस्तुओं काका विचार जन्म कुंडली के माध्यम से …

उपवास या व्रत क्यों जरूरी है

उपवास करना शरीर के रोगों के लिए बहुत उत्तम रहता है. ये बात सब जानते हैं कि पेट से सभी बीमारियाँ आरम्भ होती हैं. मन और पेट पर नियंत्रण करने से हमारे सभी रोग समाप्त हो जाते हैं. यदि हम …

भृगु संहिता से जानिए किस-किस उम्र में हो सकता है आपका भाग्योदय–

भृगु संहिता से जानिए किस-किस उम्र में हो सकता है आपका भाग्योदय– भाग्य या किस्मत ऐसे शब्द हैं, जिनका हमारे जीवन पर काफी अधिक प्रभाव माना जाता है। किसी भी प्रकार के सुख-दुख, सफलता-असफलता, अमीरी-गरीबी को भाग्य से जोड़कर ही …

वेदों से कुछ ज्योतिष प्रमाण

यानि नक्षत्राणि दिव्यन्तरिक्षे अप्सु भूमौ यानि नगेषु दिक्षु।प्रकल्पयंश्चन्द्रमा यान्येति सर्वाणि ममैतानि शिवानि सन्तु।। (अथर्व. 19/9/1)    जिन नक्षत्रों को चंद्रमा समर्थ करता हुआ चलता है, वे सब नक्षत्र मेरे लिए आकाश में, अन्तरिक्ष में, जल में, पृथ्वी पर, पर्वतों पर और …

(नंग) धारण करने अत्यन्त लाभदायक सिद्ध होते हैं?

अनिष्ट ग्रहकुप्रभावनवहेतुनवहेतु  sqqउपयुक्त ग्रह   (नंग) धारण करने अत्यन्त लाभदायक सिद्ध होते हैं। अपनी जन्म कुंडली में स्थित ग्रहों की स्थिति एवं अपनी राशि के अनुसार ही उपयुक्त रत्न (नग) का चयन करना चाहिए अन्यथा कई बार लाभ की अपेक्षा …

शनि का कुंडली में प्रभाव

शनि का कुंडली मेंप्रभाव पहला घर सूर्य और मंगल ग्रह से प्रभावित होता है। पहले घर में शनितभी अच्छे परिणाम देगा जब तीसरे, सातवें या दसवें घर में शनि केशत्रु ग्रह न हों। यदि, बुध या शुक्र, राहू या केतू, …

कुंडली में मंगल का प्रत्येक भवन में

कुंडली में मंगल काप्रत्येक भवन मेंप्रभाव (प्रथम) में मंगल हो तो जातक क्रूर, साहसी, चपल, महत्वाकांक्षीएवं व्रणजन्य कष्ट से युक्त एवं व्यवसाय में हानि होती है। 2. दूसरेभाव में मंगल हो तो कटुभाषी, धनहीन, पशुपालक, धर्मप्रेमी, नेत्रएवं कर्ण रोगी होता है। …

ग्रह योग और फलित

कुण्डली के प्रत्येक भाव अपनी अपनी दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं और इन्ही द्वादश भावों में स्थित ग्रहों के शुभ या अशुभ स्थिति से मनुष्य अपने जीवन काल में सुख और दुःख का सामना करता रहता है ग्रहों की युति ,दृष्टि के …

karmkand

हर विधि का एक विधान होता है। यदि कर्मकांड को उचित विधि से किया जाए तो ही उसका सही फल प्राप्त होता है। तो आइए जानते हैं कि श्राद्ध कर्म की उचित शास्त्रोक्त विधि के बारे में विस्तार से…श्राद्ध कर्म …

कम खर्चकम खर्च में सजावट

कम खर्चकम खर्च में सजावट 1. अगर बजट बहुत ही कम है तो घबराए नहीं, परदे या कुशन को कम रेंज वाले प्लेन रंगों में भी खरीद सकती हैं। और अगर आप इससे संतुष्ट नहीं है तो घर लाकर उन …